रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल को देश के विद्युत क्षेत्र को सुधारने
का नेतृत्व करने, दूरस्थ गांवों में बिजली पहुंचाने तथा नवीकरणीय ऊर्जा के
विस्तार के लिए अमेरिका स्थित पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय शीर्ष ऊर्जा
सम्मान से नवाजेगा। उन्हें यह सम्मान 19 नवंबर को दिया जाएगा।
पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डिजाइन के क्लीनमैन सेंटर फॉर एनर्जी पॉलिसी ने जारी बयान में कहा कि गोयल को 19 नवंबर को चौथे सालाना कार्नट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कार्नट सम्मान फ्रांस के 19वीं सदी के वैज्ञानिक सादी कार्नट की याद में दिया जाता है।
सेंटर ने कहा कि गोयल को भारत के 18 हजार दूरस्थ गांवों को बिजली मुहैया
कराने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उसने कहा कि गोयल भारत के विद्युत
बाजार को सुधारने तथा नवीकरणीय ऊर्जा के प्रसार में भी महत्वपूर्ण रहे
हैं। सेंटर ने पुराने कोयला संयंत्रों को बंद करने के लिए भी गोयल की
सराहना की।
इसमें यह भी कहा गया कि देश के पेरिस समझौते के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गोयल भारत के बिजली व्यवस्था में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुनिया में भारत कार्बन डाइऑक्साइड का चौथा शीर्ष उत्सर्जक है। वर्तमान समय के दौरान भारत में 20 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है और 2030 तक 40 प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डिजाइन के क्लीनमैन सेंटर फॉर एनर्जी पॉलिसी ने जारी बयान में कहा कि गोयल को 19 नवंबर को चौथे सालाना कार्नट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कार्नट सम्मान फ्रांस के 19वीं सदी के वैज्ञानिक सादी कार्नट की याद में दिया जाता है।
इसमें यह भी कहा गया कि देश के पेरिस समझौते के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गोयल भारत के बिजली व्यवस्था में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुनिया में भारत कार्बन डाइऑक्साइड का चौथा शीर्ष उत्सर्जक है। वर्तमान समय के दौरान भारत में 20 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है और 2030 तक 40 प्रतिशत तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें