फिल्मों का रास्ता थिएटर से ही खुलता है : शरमन

मैं कॉलेज के जमाने से ही थिएटर कर रहा हूं। लगभग दस साल तक गुजराती थिएटर करते रहे हैं। थिएटर ही मेरी पहली पसंद है। इसी के रास्ते मैं फिल्मों में आना चाहता था। और ऐसा ही हुआ। 1999 में एक गुजराती ड्रामे में जानेमाने थिएटर निर्देशक सत्यदेव दूबे को मेरा काम पसंद आया और उन्होंने निर्देशक विनय शुक्ला से मेरे नाम की अनुशंसा की। उन्होंने मुझे गॉडमदर में काम करने का मौका दिया। वहीं से मेरा फिल्मी सफर शुरू हुआ।
हिन्दुस्तान परिवार के बीच अभिनेता शरमन जोशी
यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी का। रविवार को वे आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के बुद्धमार्ग स्थित कार्यालय में हिन्दुस्तान परिवार के बीच थे। इस दौरान खास बातचीत में उन्होंने कहा कि थिएटर रणजी मैच की तरह है। इसमें आपने अच्छा किया तो आप वर्ल्ड कप में भी खेल सकते हैं। उसी तरह थिएटर में आपने अच्छा किया तो आप हॉलीवुड तक जा सकते हैं।
यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी का। रविवार को वे आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के बुद्धमार्ग स्थित कार्यालय में हिन्दुस्तान परिवार के बीच थे। इस दौरान खास बातचीत में उन्होंने कहा कि थिएटर रणजी मैच की तरह है। इसमें आपने अच्छा किया तो आप वर्ल्ड कप में भी खेल सकते हैं। उसी तरह थिएटर में आपने अच्छा किया तो आप हॉलीवुड तक जा सकते हैं।
कोई भी निर्देशक किसी से कम नहीं हैं
स्टाइल, एक्सक्यूज मी, फरारी की सवारी, रंग दे बसंती और थ्री इडियट्स जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभा चुके शरमन को अपनी आने वाली फिल्म ‘काशी’ से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि अपनी फिल्मों में विभिन्न किरदारों की निभाई गई भूमिका से वे काफी संतुष्ट हैं, चाहे वो स्टाइल का बन्टू हो, थ्री इडियट्स का राजू रस्तोगी हो या रंग दे का सुखी हो। वे किसी किरदार को कम नहीं मानते। उसी तरह राजकुमार हिरानी हों, राकेश ओमप्रकाश मेहरा हों, विनय शुक्ला हों या रोहित शेट्टी वे किसी निर्देशक को कम नहीं आंकते। उनका कहना है कि सभी के साथ काम करके बहुत मजा आया, संतुष्टि भी मिली।
स्टाइल, एक्सक्यूज मी, फरारी की सवारी, रंग दे बसंती और थ्री इडियट्स जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभा चुके शरमन को अपनी आने वाली फिल्म ‘काशी’ से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि अपनी फिल्मों में विभिन्न किरदारों की निभाई गई भूमिका से वे काफी संतुष्ट हैं, चाहे वो स्टाइल का बन्टू हो, थ्री इडियट्स का राजू रस्तोगी हो या रंग दे का सुखी हो। वे किसी किरदार को कम नहीं मानते। उसी तरह राजकुमार हिरानी हों, राकेश ओमप्रकाश मेहरा हों, विनय शुक्ला हों या रोहित शेट्टी वे किसी निर्देशक को कम नहीं आंकते। उनका कहना है कि सभी के साथ काम करके बहुत मजा आया, संतुष्टि भी मिली।
फिल्मों में नहीं होते तो क्रिमिनल लॉयर या बिजनेसमैन बनते
शरमन का कहना है कि यदि वो थिएटर या फिल्मों में नहीं आते तो या तो क्रिमिनल लॉयर होते या फिर बिजनेसमैन। बहरहाल फिल्मों में आकर वे बहुत खुश हैं। बहुत दिनों से किसी इमोशनल ड्रामे में काम करना चाहते थे। इमोशनल ड्रामा में काम करना आसान नहीं है। हालांकि लोगों को मेरी कॉमेडी वाली भूमिकाएं अधिक पसंद आयी। मैं थिएटर में भी कॉमेडी सहित अन्य तरह के रोल करता रहा हूं। इसलिए कॉमेडी रोल करने में बहुत परेशानी नहीं होती है। ‘काशी’ में इमोशनलड्रामा करने का मौका मिला है। यह काम करके वह सपना पूरा हो गया है।
शरमन का कहना है कि यदि वो थिएटर या फिल्मों में नहीं आते तो या तो क्रिमिनल लॉयर होते या फिर बिजनेसमैन। बहरहाल फिल्मों में आकर वे बहुत खुश हैं। बहुत दिनों से किसी इमोशनल ड्रामे में काम करना चाहते थे। इमोशनल ड्रामा में काम करना आसान नहीं है। हालांकि लोगों को मेरी कॉमेडी वाली भूमिकाएं अधिक पसंद आयी। मैं थिएटर में भी कॉमेडी सहित अन्य तरह के रोल करता रहा हूं। इसलिए कॉमेडी रोल करने में बहुत परेशानी नहीं होती है। ‘काशी’ में इमोशनलड्रामा करने का मौका मिला है। यह काम करके वह सपना पूरा हो गया है।
मी टू अभियान का समर्थन,पर आारोपों कीजांच सही से हो
शरमन मी टू अभियान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस ‘मूवमेंट’ को अब मोमेंटम मिल रहा है, यह अच्छी बात है। मी टू का सपोर्ट करता हूं, लेकिन आरोपों की अच्छे से जांच जरूरी है। अगर किसी के साथ गलत हुआ है तो उसे सजा मिले, लेकिन निर्दोष को सजा नहीं मिले। क्योंकि इससे बदनामी होती है। कई बार बदनाम करने के लिए भी इस तरह के आरोप लगाये जाते हैं। बस, मै इस प्रसंग पर इतना कहना चाहता हूं कि आरोप की जांच सही से हो।
शरमन मी टू अभियान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस ‘मूवमेंट’ को अब मोमेंटम मिल रहा है, यह अच्छी बात है। मी टू का सपोर्ट करता हूं, लेकिन आरोपों की अच्छे से जांच जरूरी है। अगर किसी के साथ गलत हुआ है तो उसे सजा मिले, लेकिन निर्दोष को सजा नहीं मिले। क्योंकि इससे बदनामी होती है। कई बार बदनाम करने के लिए भी इस तरह के आरोप लगाये जाते हैं। बस, मै इस प्रसंग पर इतना कहना चाहता हूं कि आरोप की जांच सही से हो।
पत्रकार की भूमिका में हैं अभिनेत्री ऐश्वर्या दीवान
शरमन के साथ आईं अभिनेत्री ऐश्वर्या दीवान ने बताया कि ‘काशी’ उनकी पहली फिल्म है। इसमें वे एक पत्रकार की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि वे केरल की हैं लेकिन हिन्दी फिल्म में काम करके बहुत खुश हैं। फिल्म में अपने किरदार को लेकर वे काफी उत्साहित हैं।
शरमन के साथ आईं अभिनेत्री ऐश्वर्या दीवान ने बताया कि ‘काशी’ उनकी पहली फिल्म है। इसमें वे एक पत्रकार की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि वे केरल की हैं लेकिन हिन्दी फिल्म में काम करके बहुत खुश हैं। फिल्म में अपने किरदार को लेकर वे काफी उत्साहित हैं।
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