भाटला सामाजिक बहिष्कार केस : 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

हरियाणा के हिसार जिले की एक विशेष अदालत ने भाटला सामाजिक बहिष्कार प्रकरण में एक पीड़ित की शिकायत पर भाटला गांव के ही गैर अनुसूचित जाति से संबंधित दो दुकानदारों सहित पांच अन्य के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट व आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश थाना सदर हांसी पुलिस थाना प्रभारी को दिए हैं।
हिसार की अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत ने जिनके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उनमें जगदीप (भाईचारा कमेटी का प्रधान), नरेश, बिजेन्द्र, हवा सिंह और सतबीर (भाईचारा कमेटी के सदस्य) शामिल हैं।
बाल काटने और सामान देने से किया मना
न्यूज एजेंसी वार्ता के अनुसार, अदालत को दी गई शिकायत में भाटला के पीड़ित ने कहा था कि उनके गांव में पिछले साल 2 जुलाई से ही दलितों का सामाजिक बहिष्कार गांव के तथाकथित सवर्ण जाति के लोग कर रहे हैं। पिछले साल 14 अगस्त को शिकायतकर्ता ने गांव के ही नाई का काम करने वाले सुभाष से फोन पर अपने बच्चों के बाल काटने के बारे में बात की तो सुभाष ने सामाजिक बहिष्कार का हवाला देते हुए बाल काटने से मना कर दिया तथा कहा कि अगर उसने बाल काटे तो उसके ऊपर 1100 जुर्माना लग जाएगा और उसका हुक्का-पानी भी बंद हो जाएगा।
इसी तरह 14 अगस्त को ही शिकायतकर्ता ने गांव की किराना दुकान के मालिक रामनिवास को फोन करके किराने का सामान देने की बात कही तो उसने भी सामान देने में असमर्थता जाहिर करते हुए कहा, 'मैं पहले तुम्हें सामान देता था, लेकिन अब नहीं दे सकता क्योंकि फोटो खींचने वाले दुकान के बाहर बैठे हैं। अगर कोई आया तो फोटो खींच लेंगे तथा मुझ पर जुर्माना लगा देंगे।' यह दोनों बातचीत शिकायतकर्ता ने अपने फोन में रिकॉर्ड कर लीं।
कोर्ट के आदेश को भी टाल गई पुलिस
शिकायतकर्ता ने इसकी ऑडियो सीडी बनाकर एक शिकायत के साथ एसएसपी हांसी व हिसार के सत्र न्यायाधीश को शिकायत भेज दीं। इस पर पुलिस ने तो कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन हिसार के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने एक पत्र लिखकर हांसी की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा को जरूरी कार्रवाई करने को कहा, परंतु पुलिस की तरफ से फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने अपनी शिकायत को सीएम विंडो पर भी लगाया तथा काफी दिनों बाद जब आरटीआई से अपनी शिकायत पर कार्रवाई के बारे सूचना प्राप्त की तो पता चला कि पुलिस ने उसकी दर्खास्त यह कहकर खारिज कर दी कि हिसार के सत्र न्यायाधीश ने उन्हें मौखिक आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर कोई कार्रवाई न की जाए।
दोषी पाए गए थे पुलिस वाले
उल्लेखनीय है कि हिसार के सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल ने हांसी के तत्कालीन डीएसपी नरेंद्र कादियान, विजेंदर कुमार व सदर थाना हांसी के तत्कालीन एसएचओ उदयभान गोदारा, सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार, सब इंस्पेक्टर अमृतलाल व भाटला के तत्कालीन चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह के खिलाफ 27 जून को एक आदेश पारित कर उन्हें भाटला में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का दोषी पाया था तथा हरियाणा के पुलिस महानिदेशक व हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बारे में भी लिखा था।
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