Exclusive: सीमा पर सुरक्षा का खतरा बने नेपाली रेडियो चैनल पर रोक

नेपाल के कुछ रेडियो चैनल भारत विरोधी प्रचार कर रहे हैं। ये चैनल केबल के जरिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के नेपाल से लगे सीमांत क्षेत्रों में प्रसारित किए जा रहे हैं। गुप्तचर संस्थाओं को आशंका है कि इस दुष्प्रचार से सीमांत क्षेत्रों में माओवाद समेत देश विरोधी माहौल पनप सकता है। खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद पुलिस ने केबल ऑपरेटरों को ऐेसे चैनलों का प्रसारण बंद कराने निर्देश दिए हैं।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड, यूपी, बिहार के कई जिलों में कुछ केबल ऑपरेटर नेपाली रेडियो चैनलों का प्रसारण कर रहे हैं। इनमें से कुछ चैनलों में नेपाली गीतों के अलावा भारत के साथ सीमा विवाद, भारतीय सुरक्षा बलों की कथित ज्यादती, नेपाल में माओवादियों की ओर से चलाए गए ‘जन युद्ध’ को लेकर बहस आयोजित की जाती हैं।
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इन बहसों में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार और माओवाद को महिमामंडित किया जाता है। एजेंसियों को इससे सीमांत क्षेत्रों में माओवाद पनपने की आशंका है। एजेंसियां इसलिए भी चौकन्नी हैं कि नेपाल से लगे राज्य के ऊधर्मंसहनगर जिले में कई बार माओवादी गतिविधियां और माओवादी कार्यकर्ता पकड़े गए हैं।
उत्तराखंड के दो जिलों में सुने जाते हैं चैनल : उत्तराखंड में नेपाल बार्डर से लगे पिथौरागढ़ और ऊधर्मंसह नगर में इन इन चैनलों के प्रसारण की बात कही गई है। इसमें यूपी और बिहार के भी कई क्षेत्र हैं। एसपी इंटेलिजेंस की ओर से पुलिस मुख्यालय को इसका अलर्ट भेजते हुए इन चैनलों का प्रसारण तत्काल रुकवाने का आग्रह किया गया।
यूपी के खीरी जिले में भी प्रशासन सतर्क : खीरी जिले के नेपाल बार्डर से सटे चंदनचौकी, तिकुनिया, गौरीफंटा, बसही के तमाम लोग नेपाली भाषा समझते हैं । वे इसके समाचार और दूसरे कार्यक्रम सुनते हैं। करीब तीन साल पहले भारत-नेपाल के बसही बार्डर पर जमकर बवाल हुआ था। जमीन के विवाद को लेकर नेपालियों की ओर से पत्थरबाजी तक की गई थी। उस दौरान नेपाल के तमाम अखबारों का रुख भी एकतरफा था। अब नेपाली रेडियो पर भारत विरोधी बातें सामने आई हैं।
एडीजी ने चैनल बंद कराने के दिए आदेश : एसपी इंटेलिजेंस के अलर्ट के बाद उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार की ओर से आईजी कुमाऊं के साथ ही एसएसपी यूएस नगर और पिथौरागढ़ को केबल ऑपरेटरों से इन चैनलों का प्रसारण तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन चैनलों का प्रसारण
यहां सुने जाने वाले चैनल में माइती नेपाल, नेपालिको रेडियो, चैनल 11, रेडियो हिमालया , रेडियो नेपाल, रेडियो कांतीपुर, रेडियो अमरापुर, रेडियो तरंग आदि शामिल हैं। एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि भारत नेपाल सीमा का जिला होने के कारण हम लोग सतर्क हैं।
में अच्छी तादाद
उत्तरप्रदेश के महराजगंज जिले की 86 किमी तक नेपाल की सीमा है। दो तहसीलों नौतनवा और निचलौल में नेपाली मूल के लोगों की अच्छी संख्या है। सेना से रिटायर होने के बाद वह यहीं पर बस गए। इन दोनों जगहों पर नेपाली रेडियो के श्रोता हैं।
आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस तरह के चैनल चलाने वाले केबल ऑपरेटरों की पहचान करने, चैनल बंद कराने के निर्देश आईजी कुमाऊं, संबंधित एसएसपी को दे दिए गए हैं। --अशोक कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था
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