लेखक:
Vishal Pandey
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नोएडा में बैठ थाईलैंड वालों से करते थे ठगी, फर्जी कॉल सेंटर के 34 कर्मचारी गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने सेक्टर-63 में चल रहे विदेशी लोगों को ठगने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए यहां काम करने वाले 34 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में करीब 30 थाईलैंड के रहने वाले हैं। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
अमेरिका और कनाडा पुलिस से इनपुट मिलने के बाद एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा द्वारा गठित स्पेशल सेल ने गुरुवार तड़के कॉल सेंटर पर छापा मारा और मौके से 34 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि यह कॉल सेंटर फर्जी है। उन्हें वैध कॉल सेंटर बताकर नौकरी दी गई थी। सैलरी के अलावा उन्हें रहने और खाने की सुविधाएं भी दी जाती थीं।
देर रात काम शुरू होता था काम
इस कॉल सेंटर में अधिकांश कॉल रात में की जाती थीं। यहां देर रात काम शुरू होता था और सुबह तक चलता था। उन्हें हर देश के वर्किंग टाइम के मुताबिक, कॉल करने के लिए कहा जाता था। उन्हें कंपनी का मैनेजर और टीम लीडर की तरह से मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारी का डाटा दिया जाता था और उन्हें कॉल करने से पहले प्रशिक्षण देकर बकायदा बताया जाता था कि कस्टमर से क्या और किस तरह बात करनी है। कॉल सेंटर संचालक कहाँ से यह डाटा लाता था इस सम्बंध में जानकारी होने से कर्मचारोयों ने इनकार कर दिया।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि कनाडा और यूएस पुलिस की मदद से काफी जानकारी मिली है। उस जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। स्पेशल टीम ने फेस-3 कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा और मौके से कई कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों को पकड़ा है।
अधिकतर थाईलैंड की हैं कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, बीते कई महीनों से सेक्टर-63 के जी-80 में संचालित किए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से थाईलैंड निवासी जालसाज नोएडा में बैठकर अपने ही देश के नागरिकों के साथ ठगी कर रहा था। यह जालसाज थाईलैंड समेत अन्य कई देशों के नागरिकों को सरकार को दिए जाने वाले टैक्स में छूट दिलाने, टैक्स न जमा करने और जुर्माना में छूट देने समेत तमाम तरह के प्रलोभन देकर अपनी जाल में फांसता था और उनसे मोटी रकम अपने खाते में जमा करा लेता था। विदेशी नागरिकों को जाल में फांसने के लिए आरोपी थाईलैंड में ही रहने वाले युवकों की मदद ले रहा था। उसने बाकायदा यहां कॉल सेंटर में थाईलैंड के युवकों को नौकरी पर रखा हुआ था और उन्हें मोटी सैलरी के साथ, अन्य सुविधाएं भी मुहैया करा रहा था।
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