अगले साल पहली तिमाही में RBI बढ़ा सकता है नीतिगत दर: रिपोर्ट
मुद्रास्फीति दबाव और रुपए की गिरावट के कारण अगले साल की पहली तिमाही में रिजर्व बैंक नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है.

मुद्रास्फीति दबाव और रुपए की गिरावट के कारण अगले साल की पहली तिमाही में रिजर्व बैंक नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है. एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त किया गया है. वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी गोल्डमैन सॅक्स के मुताबिक, खुदरा मुद्रास्फीति दबाव बढ़ते रहने का अनुमान है.
गोल्डमैन सॅक्स ने रिपोर्ट में कहा, 'हमारी यह धारणा बनी रहेगी कि तेल, रुपया और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बदली धारणा के बाद भी रिजर्व बैंक खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि को कम करके आंक रहा है.' अगले साल की पहली तिमाही में 0.25 फीसदी की वृद्धि के साथ ही गोल्डमैन सॅक्स का मानना है कि दूसरी, तीसरी और चौथी तिमाही में भी 0.25-0.25 फीसदी की वद्धि का अनुमान है.
वहीं रिजर्व बैंक ने हालिया नीतिगत बैठक में बाजार के अनुमानों के विपरीत दरों को पुराने स्तर पर ही रखा था. रिजर्व बैंक के जरिए मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया गया. भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी के तहत रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. इसके साथ ही इसे 6.50 फीसदी पर और रिवर्स रेपो रेट को 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा है.
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