
सोशल मीडिया पर इन दिनों यौन उत्पीड़न के खिलाफ चलाए जा रहे #MeToo अभियान से अब खेल जगत के लोग भी जुड़ गए हैं। स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने बुधवार को महिलाओं की सराहना की और #MeToo अभियान का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अपनी फील्ड में कभी इस तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।
ओलंपिक खेलों के महिला एकल में रजत पदक जीतने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी ने देश भर में महिलाओं द्वारा चलाये जा रहे #मीटू अभियान के बारे में कहा, “मैं उन लोगों की सराहना करती हूं, जो सामने आकर इस बारे में अपनी बात रख रही हैं। मैं इस चीज का सम्मान करती हूं कि वे आगे आकर अपनी राय जाहिर कर रही हैं।"
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बता दें कि मंगलवार को भारत की सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने भी अपने साथ हुए उत्पीड़न के बारे में ट्विटर पर लिखा था। जब सिंधू से पूछा गया कि क्या खेल के क्षेत्र में इस तरह की चीजें होती हैं, तो उन्होंने कहा, “मुझे अन्य लोगों के बारे में नहीं पता। लेकिन जहां तक मेरा सवाल है, मैं जबसे इस क्षेत्र में हूं, मुझे कभी इस तरह की दिक्कत नहीं हुई।”गौरतलब है कि हाल ही में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा 2008 में एक फिल्म के सेट पर अभिनेता नाना पाटेकर द्वारा बदसलूकी का आरोप लगाया जाने के बाद भारत में #MeToo अभियान ने जोर पकड़ लिया है। इस अभियान के तहत मंगलवार को भी कई महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न या यौन दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए। जिसके लपेटे में फिल्म अभिनेता आलोक नाथ सहितमनोरंजन जगत के कई नामी-गिरामी चेहरे आए हैं।
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गौरतलब है कि बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने बीते दिन एक के बाद एक कई ट्वीट्स में उन्होंने शोषण के बारे में अपना अनुभव साझा किया है। हालांकि ज्वाला ट्वीट में कहा है कि उन्हें सेक्सुअल हरासमेंट का शिकार तो नहीं होना पड़ा पर जबरदस्त तरीके से मेंटल हरासमेंट का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से उनका बैडमिंटन करियर भी तबाह हो गया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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