भारतीय
टीम के कप्तान विराट कोहली ने बीते दिनों टेस्ट क्रिकेट में SG की गेंदों
की खराब गुणवत्ता पर नाखुशी जताई है। अब भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश
यादव ने भी एसजी गेंदों का विरोध किया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि
इसके (गेंद के) पुराने होने पर निचले क्रम को रोकना मुश्किल हो रहा है।
उमेश ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'अगर आप कह रहे हैं कि निचले क्रम ने रन बनाये हैं तो आपको समझना होगा कि इस तरह की सपाट पिचों पर एसजी टेस्ट गेंदों से खेलना मुश्किल है। इससे रफ्तार या उछाल नहीं मिलती।'
उन्होंने कहा, ''आप एसजी गेंद से एक ही जगह पर गेंद डाल सकते हैं लेकिन पिच से मदद नहीं मिलने पर कुछ नहीं हो सकता। मध्य और निचले क्रम के आने पर गेंद नरम हो जाती है और बल्लेबाजी आसान हो जाती है।" उमेश ने कहा, ''पुछल्ले बल्लेबाजों को पता है कि गेंद ना तो स्विंग लेगी और ना ही रिवर्स। आपको बस प्रयास करते रहना होता है। बड़े मैदान पर ऐसा नहीं हो सकता।"
इसके अलावा उमेश ने कहा कि शार्दुल ठाकुर की ग्रोइन चोट के कारण वह लंबे
स्पैल के लिये तैयार थे। उन्होंने कहा, ''शार्दुल खेलता तो मैं स्पिनरों
की और मदद कर सकता। मुझे तीन विकेट मिले और अगर वह भी दो विकेट ले लेता तो
हमारी टीम को मदद मिलती। लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते। यह खेल का हिस्सा है।"
उमेश ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'अगर आप कह रहे हैं कि निचले क्रम ने रन बनाये हैं तो आपको समझना होगा कि इस तरह की सपाट पिचों पर एसजी टेस्ट गेंदों से खेलना मुश्किल है। इससे रफ्तार या उछाल नहीं मिलती।'
उन्होंने कहा, ''आप एसजी गेंद से एक ही जगह पर गेंद डाल सकते हैं लेकिन पिच से मदद नहीं मिलने पर कुछ नहीं हो सकता। मध्य और निचले क्रम के आने पर गेंद नरम हो जाती है और बल्लेबाजी आसान हो जाती है।" उमेश ने कहा, ''पुछल्ले बल्लेबाजों को पता है कि गेंद ना तो स्विंग लेगी और ना ही रिवर्स। आपको बस प्रयास करते रहना होता है। बड़े मैदान पर ऐसा नहीं हो सकता।"

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