दलित उत्पीड़न केस: IIT धनबाद निदेशक समेत तीन प्रोफेसर किए जाएंगे डिमोट

आईआईटी कानपुर की बुधवार देर रात हुई बीओजी में बड़ा फैसला लिया गया। दलित प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में आईआईटी धनबाद के निदेशक समेत तीन प्रोफेसर को डिमोट करने का फैसला लिया गया है। वहीं, पूर्व में हुई जांच में दोषी पाए गए चार प्रोफेसरों में से एक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इस मामले में एससी/एसटी कमीशन भी कार्रवाई कर सकता है। कमीशन ने पूर्व में ही इन चारों प्रोफेसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे रखा है।
आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के दलित प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला ने दलित उत्पीड़न की शिकायत की थी। कई बीओजी में लंबी बहस के बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका। बुधवार देर रात एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर बीओजी के चेयरमैन आरसी भार्गव की अध्यक्षता में बैठक हुई। लंबी चर्चा और हंगामे के बीच चेयरमैन ने दोषी प्रोफेसरों के खिलाफ बड़ा फैसला लिया। आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय और प्रो. संजय मित्तल को डिमोट करने की सजा सुनाई है। यह सजा इन तीनों प्रोफेसर को सर्विस रूल्स के उल्लंघन करने पर दी गई है। वहीं चौथे प्रोफेसर ईशान शर्मा को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। बीओजी के चेयरमैन आरसी भार्गव का गुरुवार को कार्यकाल समाप्त हो गया। इससे बुधवार को हुई बीओजी में तय माना जा रहा था कि इस मामले में फैसला हो जाएगा।
जा सकती है प्रो. राजीव शेखर की कुर्सी
आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. राजीव शेखर वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक हैं। दलित प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में बीओजी की कार्रवाई के बाद प्रो. राजीव शेखर को इस पद से हटाया जा सकता है। नियमानुसार कार्रवाई के बाद प्रो. शेखर की योग्यता इस पद के अनुरूप नहीं रह जाएगी। इस मामले में प्रो. राजीव शेखर ने कहा कि अभी तक उन्हें बीओजी में लिए गए फैसले की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई नोटिस आता है या कोई जानकारी मिलती है, तो वे आगे की प्रक्रिया करेंगे। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर जरूर बोलूंगा।
आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. राजीव शेखर वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक हैं। दलित प्रोफेसर उत्पीड़न मामले में बीओजी की कार्रवाई के बाद प्रो. राजीव शेखर को इस पद से हटाया जा सकता है। नियमानुसार कार्रवाई के बाद प्रो. शेखर की योग्यता इस पद के अनुरूप नहीं रह जाएगी। इस मामले में प्रो. राजीव शेखर ने कहा कि अभी तक उन्हें बीओजी में लिए गए फैसले की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई नोटिस आता है या कोई जानकारी मिलती है, तो वे आगे की प्रक्रिया करेंगे। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर जरूर बोलूंगा।
जनवरी से चल रहा है विवाद
वर्ष 2018 के जनवरी में एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष के पूर्व छात्र डॉ. सडरेला को विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई। इसके बाद से ही विवाद शुरू हुआ था। आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. संजय मित्तल और प्रो. ईशान शर्मा समेत दस से अधिक प्रोफेसरों ने इस नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया।
वर्ष 2018 के जनवरी में एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष के पूर्व छात्र डॉ. सडरेला को विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई। इसके बाद से ही विवाद शुरू हुआ था। आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. राजीव शेखर, प्रो. सीएस उपाध्याय, प्रो. संजय मित्तल और प्रो. ईशान शर्मा समेत दस से अधिक प्रोफेसरों ने इस नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया।
इन प्रोफेसरों ने निदेशक से इस नियुक्ति की निंदा करते हुए जांच करने की मांग की। इस घटना के कुछ दिन बाद ही डॉ. सडरेला ने इन प्रोफेसरों के खिलाफ जातिगत टिप्पड़ी करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के तत्कालीन निदेशक ने इस मामले की जांच एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता वाली समिति से कराई गई। समिति ने इन चारों प्रोफेसरों को दोषी माना। फिर संस्थान की बीओजी (बोर्ड ऑफ गवर्नेंस) ने यह जांच सेवानिवृत्त जज को सौंपी। इस जांच में चारों प्रोफेसरों को दोषी बताया गया। इसी मामले को लेकर एससी/एसटी कमीशन भी कई बार संस्थान के निदेशक को तलब कर चुका है।
कौन हैं ये प्रोफेसर
प्रो. राजीव शेखर
-1982 में आईआईटी कानपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1985 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से एमएस (मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग)
-1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक
प्रो. राजीव शेखर
-1982 में आईआईटी कानपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1985 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से एमएस (मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग)
-1988 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-वर्तमान में आईआईटी धनबाद के निदेशक
प्रो. सीएस उपाध्याय
-1991 में आईआईटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक
-1993 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमएस
-1997 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-1991 में आईआईटी खड़गपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक
-1993 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमएस
-1997 में टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. संजय मित्तल
-1988 में आईआईटी कानपुर से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1990 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से एमएस
-1992 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
-1988 में आईआईटी कानपुर से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग से बीटेक
-1990 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से एमएस
-1992 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा, यूएसए से पीएचडी
-आईआईटी कानपुर में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर
प्रो. ईशान शर्मा
-1999 में आईआईटी कानपुर से बीटेक
-2004 में कोरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी
-1999 में आईआईटी कानपुर से बीटेक
-2004 में कोरनेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी
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