न्यूयॉर्क और कनाडा में सैकड़ों लोगो से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटरों
पर शिंकजा कसने के लिए बुधवार को अमेरिका की एफबीआई और कनाडा पुलिस नोएडा
पहुंची। एफबीआई के असिस्टेंट लीगल सुहेल और कनाडा के रॉयल कनाडियन माउंटेड
पुलिस (आरसीएमपी) के काउंसलर सैम इस्माइल ने एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा के
साथ मिलकर फर्जी कॉलसेंटरों को चिह्नित किया। नोएडा पुलिस के सहयोग से जल्द
ही एफबीआई और कनाडा पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
एसएसपी ने बताया नोएडा में काफी समय से यूएसए के नागरिकों को वॉयस कॉल के जरिए पे-डे लोन में पेमेंट का लालच देकर डॉलर में ठगी की जा रही है। विदेश मंत्रालय से लगातार इसकी सूचना मिल रही थी। पिछले छह माह में नोएडा के कॉलसेंटरों से न्यूयॉर्क और कनाडा में सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। हालांकि, इस मामले में यूएसए के जिन नागरिकों के साथ ठगी हुई है, उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है इसीलिए एफबीआई और कनाडा पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया गया था। नोएडा पुलिस, एफबीआई और कनाडा की पुलिस ऑनलाइन व कॉल सेंटर से होने वाली ठगी को रोकने के लिए एक दूसरे के साथ संपर्क में रहेंगे।
फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले अलग-अलग पेमेंट गेटवे के जरिए पैसे मंगाते
हैं। सभी कॉल सेंटर को पेमेंट गेटवे का भी अप्रूवल लेना जरूरी होगा।
रजिस्ट्रेशन कराने वाले कॉल सेंटर के पेमेंट गेटवे की भी जांच होगी। इसके
अलावा आरोपी और पीड़ित दोनों की जानकारी साझा कर कार्रवाई की जाएगी। एफबीआई
और कनाडा पुलिस के साथ मिलकर करीब 100 संदिग्ध कॉलसेंटरों को चिह्नित किया
गया है। तमाम जांच-पड़ताल के बाद जल्द ही कनाडा, एफबीआई और नोएडा पुलिस
कार्रवाई करेगी। पिछले छह माह में नोएडा पुलिस विदेश में ठगी करने वाले
पांच कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर चुकी है।
सभी कॉल सेंटर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा
एसएसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि नोएडा में चल रहे सभी कॉल सेंटरों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए कानूनी राय ली जा रही है। नोएडा में चलने वाले सभी कॉलसेंटरों को पुलिस सत्यापन कराना होगा। ऐसा न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विदेश में ठगी
भारतीयों के साथ भी विदेशों में ठगी होती है। नोएडा में प्रतिमाह करीब 20 लोगों के साथ विदेशी हैकर रकम उड़ा लेते हैं। पीड़ित थानों में शिकायत करते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इस मुद्दे पर भी एसएसपी ने एफबीआई और कनाडा अधिकारी से चर्चा की।
आई ट्यून कार्ड से भुगतान
आरोपी अमेरिकन नागरिकों को झांसे में लेने के बाद उनसे फाइल चार्ज के लिए 100 से 200 डॉलर की कीमत का एप्पल कंपनी का गिफ्ट कार्ड (आई ट्यून कार्ड) खरीदने को कहते हैं। कार्ड का गोपनीय नंबर लेकर उसे अमेरिका में एजेंटों के द्वारा कमीशन पर बेच देते हैं।

एसएसपी ने बताया नोएडा में काफी समय से यूएसए के नागरिकों को वॉयस कॉल के जरिए पे-डे लोन में पेमेंट का लालच देकर डॉलर में ठगी की जा रही है। विदेश मंत्रालय से लगातार इसकी सूचना मिल रही थी। पिछले छह माह में नोएडा के कॉलसेंटरों से न्यूयॉर्क और कनाडा में सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। हालांकि, इस मामले में यूएसए के जिन नागरिकों के साथ ठगी हुई है, उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है इसीलिए एफबीआई और कनाडा पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया गया था। नोएडा पुलिस, एफबीआई और कनाडा की पुलिस ऑनलाइन व कॉल सेंटर से होने वाली ठगी को रोकने के लिए एक दूसरे के साथ संपर्क में रहेंगे।
सभी कॉल सेंटर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा
एसएसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि नोएडा में चल रहे सभी कॉल सेंटरों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए कानूनी राय ली जा रही है। नोएडा में चलने वाले सभी कॉलसेंटरों को पुलिस सत्यापन कराना होगा। ऐसा न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विदेश में ठगी
भारतीयों के साथ भी विदेशों में ठगी होती है। नोएडा में प्रतिमाह करीब 20 लोगों के साथ विदेशी हैकर रकम उड़ा लेते हैं। पीड़ित थानों में शिकायत करते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इस मुद्दे पर भी एसएसपी ने एफबीआई और कनाडा अधिकारी से चर्चा की।
आई ट्यून कार्ड से भुगतान
आरोपी अमेरिकन नागरिकों को झांसे में लेने के बाद उनसे फाइल चार्ज के लिए 100 से 200 डॉलर की कीमत का एप्पल कंपनी का गिफ्ट कार्ड (आई ट्यून कार्ड) खरीदने को कहते हैं। कार्ड का गोपनीय नंबर लेकर उसे अमेरिका में एजेंटों के द्वारा कमीशन पर बेच देते हैं।

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