राज्य सरकार ने नवरात्रि पर प्रदेशवासियों को तोहफा देते हुए तीन
शक्तिपीठों देवीपाटन, नैमिष व विंध्यवासिनी मंदिर पर लगने वाले मेले को
प्रांतीयकरण करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की
अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। नगर विकास
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रांतीयकरण होने के बाद मेलों पर
आने वाला खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
राज्य सरकार शक्तिपीठों पर जाने वालों को हर संभव सुविधा देना चाहती है। इसीलिए तीन शक्तिपीठों का प्रांतीयकरण किया गया है। मां ललिता देवी शक्तिपीठ नैमिषारण्य सीतापुर पर लगने वाले अमावस्या मेले का प्रांतीयकरण किया गया है।
मेले के अंतर्जनपदीय, अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए यह फैसला किया गया है। राज्य सरकार इस पर 60 लाख रुपये खर्च करेगी। मेले की देखरेख व तैयारियां सीतापुर के डीएम करेंगे। उन्होंने बताया कि इसी तरह मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ देवीपाटन तुलसीपुर बलरामपुर मेले को प्रांतीय मेला घोषित किया गया है। नवरात्र पर यहां लगने वाले मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

राज्य सरकार शक्तिपीठों पर जाने वालों को हर संभव सुविधा देना चाहती है। इसीलिए तीन शक्तिपीठों का प्रांतीयकरण किया गया है। मां ललिता देवी शक्तिपीठ नैमिषारण्य सीतापुर पर लगने वाले अमावस्या मेले का प्रांतीयकरण किया गया है।
मेले के अंतर्जनपदीय, अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए यह फैसला किया गया है। राज्य सरकार इस पर 60 लाख रुपये खर्च करेगी। मेले की देखरेख व तैयारियां सीतापुर के डीएम करेंगे। उन्होंने बताया कि इसी तरह मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ देवीपाटन तुलसीपुर बलरामपुर मेले को प्रांतीय मेला घोषित किया गया है। नवरात्र पर यहां लगने वाले मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
सरकार इसकी तैयारियों पर 48.44 लाख रुपये खर्च करेगी। मीरजापुर मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेले पर 41.49 लाख रुपये खर्च करेगी। मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेले का आयोजन विंध्य विकास परिषद व नौ कार्यदायी विभागों द्वारा किया जाता है।

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