प्रदूषण का प्रकोप: चौबीस घंटे में तीन गुना बढ़ा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण
राजधानी को पश्चिमी विक्षोभ के चलते
प्रदूषण में मिली छूट सिर्फ एक दिन ही चल सकी। चौबीस घंटे में ही दिल्ली
में प्रदूषण का स्तर तीन गुना तक बढ़ गया है। यहां तक कि दिल्ली के कई
इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब की श्रेणी में पहुंच गया है।
एनसीआर क्षेत्र की भी कमोबेश यही स्थिति बन गई है।
यूं तो दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बारिश
रुकने के बाद से ही बढ़ता जाता है, लेकिन, पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा
के आसमान में गुरुवार को बने सरकुलेशन ने दिल्ली व आस-पास के क्षेत्रों में
प्रदूषण से काफी हद तक राहत दे दी थी। तेज गति से चली हवाएं अपने साथ हवा
में घुले प्रदूषण को भी बहा ले गईं। मगर, इसका असर समाप्त होते ही प्रदूषण
की हालत फिर से पहले जैसी हो गई है।
एक दिन पहले की तुलना में शनिवार को हवा
में प्रदूषक कण पीएम-10 और पीएम-2.5 की मात्रा तीन गुना तक बढ़ गई है। इसके
चलते राजधानी की वायु गुणवत्ता भी बुरी तरह से खराब हो गई है। वहीं,
विशेषज्ञों का अनुमान है कि हवा की गुणवत्ता अभी और भी खराब हो सकती है।
प्रदूषक कण बढ़े : दिल्ली
की हवा में शुक्रवार दोपहर 3 बजे पीएम-10 कणों की मात्रा 148.8 थी, जबकि
शनिवार शाम 7 बजे तक पीएम-10 का स्तर बढ़कर 284.5 पर पहुंच गया था। इसी
प्रकार, शुक्रवार दोपहर 1 बजे हवा में पीएम-2.5 का स्तर 56.8 था जोकि
शनिवार शाम 7 बजे बढ़कर 145.1 पर पहुंच गया। मानकों के अनुसार, पीएम 10 की
मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और पीएम 2.5 की मात्रा 60
माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
कई इलाकों की हवा बेहद खराब: दिल्ली-एनसीआर
के कई इलाकों में शनिवार को हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया।
आनंद विहार में वायु की गुणवत्ता 365 पर, मुंडका में 336 पर, द्वारका में
303 पर, शादीपुर में 337 पर, वजीरपुर में 328 पर और नरेला में 308 के स्तर
पर दर्ज की गई।
वहीं, फरीदाबाद में 305, गुरुग्राम में
312 और गाजियाबाद के वसुंधरा में 373 के स्तर पर वायु गुणवत्ता पहुंची हुई
थी। ज्ञात हो कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 के नीचे होने पर उसे अच्छा, 50
से 100 के बीच होने पर उसे संतोषजनक, 100 से 200 के बीच होने पर उसे मध्यम
और 200 से 300 के बीच होने पर उसे खराब, 300 से 400 के बीच होने पर उसे
बेहद खराब और 400 के ऊपर होने पर वायु गुणवत्ता को गंभीर माना जाता है।
तापमान में गिरावट दर्ज
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर दिल्ली के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। ठंडी हवाओं के चलते दिल्ली के तापमान में गिरावट हुई है और ठंड बढ़ गई है। खासतौर पर रात के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक सफदरजंग केंद्र में दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री रिकार्ड किया गया जोकि सामान्य से एक डिग्री कम है। जबकि, न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर दिल्ली के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। ठंडी हवाओं के चलते दिल्ली के तापमान में गिरावट हुई है और ठंड बढ़ गई है। खासतौर पर रात के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक सफदरजंग केंद्र में दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री रिकार्ड किया गया जोकि सामान्य से एक डिग्री कम है। जबकि, न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम है।
निगमायुक्त ने बैठक की
राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के निगमायुक्त ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्वी दिल्ली के जिन इलाकों में निर्माण कार्य बिना नियमों के किया जा रहा है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन होटलों में खाना पकाने के लिए कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है उनके खिलाफ भी सख्त बरती जाए।
राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के निगमायुक्त ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्वी दिल्ली के जिन इलाकों में निर्माण कार्य बिना नियमों के किया जा रहा है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन होटलों में खाना पकाने के लिए कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है उनके खिलाफ भी सख्त बरती जाए।
बढ़ते प्रदूषण पर लगाम के लिए कदम उठाए गए:-
पुराने वाहनों पर कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने राजधानी में 15 साल की निर्धारित सीमा समाप्त करने के बाद भी चल रहे वाहनों पर कार्रवाई शरू की है। पिछले पांच दिनों में ऐसे 55 वाहनों को जब्त किया गया है। दिल्ली में ऐसे वाहनों की संख्या दो लाख 23 हजार के लगभग मानी जाती है।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में 15 साल की निर्धारित सीमा समाप्त करने के बाद भी चल रहे वाहनों पर कार्रवाई शरू की है। पिछले पांच दिनों में ऐसे 55 वाहनों को जब्त किया गया है। दिल्ली में ऐसे वाहनों की संख्या दो लाख 23 हजार के लगभग मानी जाती है।
नवंबर से आरएफआईडी
दिल्ली में प्रवेश करने वाले 13 टोल बूथों पर 1 नवंबर से आरएफआईडी सिस्टम शुरू हो जाने की उम्मीद है। इस सिस्टम के शुरू होने से वाहनों को टोल बूथों पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
दिल्ली में प्रवेश करने वाले 13 टोल बूथों पर 1 नवंबर से आरएफआईडी सिस्टम शुरू हो जाने की उम्मीद है। इस सिस्टम के शुरू होने से वाहनों को टोल बूथों पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे प्रदूषण में कमी आने की संभावना है।
सभी एजेंसियों को सतर्क किया
उप राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगमों को राजधानी की हवा की गुणवत्ता पर निगाह रखने को कहा है। ताकि, हवा की गुणवत्ता खराब होने की दशा में तत्काल कदम उठाए जा सकें।
उप राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगमों को राजधानी की हवा की गुणवत्ता पर निगाह रखने को कहा है। ताकि, हवा की गुणवत्ता खराब होने की दशा में तत्काल कदम उठाए जा सकें।
दिल्लीवाले भी हवा खराब करने के लिए जिम्मेदार -
राजधानी में प्रदूषण के लिए दिल्ली सरकार
पड़ोसी राज्यों को जिम्मदार ठहरा रही है, लेकिन दिल्लीवाले भी यहां बढ़ते
प्रदूषण के लिए कम जिम्मेदार नहीं है। दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग खुले
में कूड़ा जला रहे हैं जो प्रदूषण बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।
एनजीटी के आदेश पर उत्तरी और दक्षिणी निगम
ने खुले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की है। इसके
तहत सिर्फ उत्तरी निगम क्षेत्र में ही 1176 लोगों/संस्थाओं का चालान काटा
गया है। वहीं, दक्षिणी निगम ने इसे लेकर 24 चालान किए गए हैं। एनजीटी के
आदेश पर खुले में कूड़ा जलाने पर पांच हजार रुपये का चालान किया जाता है।
उत्तरी निगम ने 29 लाख रुपये से अधिक राजस्व वसूला
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई करते हुए उत्तरी निगम की ओर से इस वर्ष सितंबर माह तक खुले में कूड़ा जलाने के लिए कुल 1176 चालान किए गए। इससे निगम को 2934900 रुपये राजस्व के रूप में मिले हैं। इसमें सर्वाधिक चालान करोलबाग जोन में किए गए हैं। यहां 280 चालान किए गए, जिनसे निगम को 9 लाख 27 हजार रुपये का राजस्व मिला है। वहीं, सिविल लाइन जोन में खुले में कूड़ा जलाने पर 267 चालान किए गए, जिनसे निगम को 7 लाख 10 हजार रुपये का राजस्व मिला है।
प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई करते हुए उत्तरी निगम की ओर से इस वर्ष सितंबर माह तक खुले में कूड़ा जलाने के लिए कुल 1176 चालान किए गए। इससे निगम को 2934900 रुपये राजस्व के रूप में मिले हैं। इसमें सर्वाधिक चालान करोलबाग जोन में किए गए हैं। यहां 280 चालान किए गए, जिनसे निगम को 9 लाख 27 हजार रुपये का राजस्व मिला है। वहीं, सिविल लाइन जोन में खुले में कूड़ा जलाने पर 267 चालान किए गए, जिनसे निगम को 7 लाख 10 हजार रुपये का राजस्व मिला है।
अभियान में तेजी लाएंगे
निगम अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में निगम की ओर से चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाई जाएगी, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके।
निगम अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में निगम की ओर से चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाई जाएगी, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके।

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