उत्तर प्रदेश सरकार जहां बदमाशों को
मुठभेड़ में मुंहतौड़ जवाब देकर पुलिस का इकबाल बुलंद करने की रणनीति पर
काम कर रही है वहीं पुलिस कर्मी अपनी हरकतों से मुठभेड़ों को मजाक बनाकर
महकमें का फजीता कराने से नहीं चुक रहे। संभल के असमोली थाना इलाके में
पच्चीस हजार के इनामी बदमाश से मुठभेड़ के दौरान जब एक पुलिस कर्मी की
पिस्टल से फायर नहीं हुआ तो बराबर में खड़ा दरोगा मुंह से ही ठांय-ठांय
करने लगा।
असमोली थाना इलाके में शुक्रवार को आधी
रात पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ की जानकारी मिलने
के बाद जहां अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय व सीओ सुदेश कुमार मौके पर
पहुंचे वहीं आसपास के थाना प्रभारियों को भी मुबारकपुर के जंगल में बुलाकर
बदमाशों से मुकाबला किया गया। इस दौरान ईक्ष के खेत में छिपे बदमाशों ने
फायरिंग की तो जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग कर बदमाशों की घेराबंदी की।
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कर्मी ने ईख में बदमाशों को निशाना बनाकर पिस्टल
से फायर किया तो पिस्टल नहीं चली।
यह देख बराबर में खड़े दरोगा से मुंह से
ही पिस्टल के फायर की आवाज निकालकर ठांय- ठांय करना शुरु कर दिया। दरोगा ने
ठांय ठांय की आवाज निकालकर बदमाशों को डराने का काम किया या पुलिस की
फजीहत कराने का,यह तो साफ नहीं मगर मुठभेड़ के दौरान दरोगा के मुंह से ठांय
-ठांय करने का यह वीडियो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के साथ लोग पुलिस
की मुठभेड़ पर सवाल उठाकर पुलिस की फजीहत कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि
क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस मुंह से ठांय ठांय कर बदमाशों को डरा लेगी।
शनिवार को दिन भर लोग इस वीडियो को देखकर अपनी राय शुमारी करते रहे। वहीं
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान फायरिंग के साथ ही मुंह से चिल्लाना
भी बदमाशों पर दबाव बनाने के लिए एक रणनीति का ही हिस्सा होता है।
संभल के अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पांडेय ने
बताया, 'वैपन से फायर करते समय बीच में रोक आ जाती है तो उसे नीचे करके
नार्मल करना पड़ता है। रात को असमोली थाना इलाके में मुठभेड़ के दौरान भी
यही हुआ था। वीडियो का छोटा हिस्सा वायरल किया गया है जबकि पूरा वीडियो
देखने पर सच नजर आता है। जहां तक मुंह से आवाज निकालने की बात है तो
बदमाशों पर दबाव बनाने के लिए एक रणनीति के तहत ही ऐसा भी किया जाता है।'

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