राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान बजरंग
पूनिया ने वर्ल्ड रेसलिंग में खास मुकाम हालिस किया है। आगामी विश्व कुश्ती
चैम्पियनशिप के लिए चुनी गयी 30 सदस्यीय भारतीय टीम में वो एकमात्र ऐसे
खिलाड़ी है जिन्हें वरीयता दी गई है। बता दें कि बुडापेस्ट में 20 से 28
अक्टूबर तक होने वाली विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में बजरंग को 65 किलो
भारवर्ग में तीसरी वरीयता दी गयी है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वह पदक
के मजबूत दावेदार होंगे।
इस खेल की वैश्विक इकाई यूनाईटेढ वर्ल्ड रेस्लिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) पहली बार विश्व चैम्पियनशिप के लिए वरीयता अंक प्रणाली शुरू की है। विश्व संस्था द्वारा जारी रैंकिंग तालिका में बजरंग के नाम 45 अंक है। इससे पहले पहलवानों को रैंडम ड्रॉ के लिए विभिन्न ग्रुप में बांटा जाता था। जॉर्जिया में हुए तबलीसी ग्रां प्री और इस्तांबुल के यासर डोगू इंटरनेशनल जैसे रैंकिंग वाले टूर्नामेंटों के आधार पर विश्व चैंपियनशिप के लिए रैंकिंग अंक निर्धारित किये गये हैं।
लावा 65 किग्रा भारवर्ग में तुर्की के सेलाहात्तिन किलिसाल्लायान (50 अंक) को शीर्ष वरीयता मिली है जबकि रूस के ईलियास बेक्बुलातोव दूसरे वरीयता होंगे। बजरंग ने 2013 में इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और अब उनका लक्ष्य इसमें स्वर्ण जीतने का है। उन्होंने कहा, ''मैं परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और एकाग्र रहने के लिये यहां समय से पहले पहुंचा हूं। उम्मीद है कि मैं लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरूंगा और स्वर्ण के साथ स्वदेश लौटूंगा।"

इस खेल की वैश्विक इकाई यूनाईटेढ वर्ल्ड रेस्लिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) पहली बार विश्व चैम्पियनशिप के लिए वरीयता अंक प्रणाली शुरू की है। विश्व संस्था द्वारा जारी रैंकिंग तालिका में बजरंग के नाम 45 अंक है। इससे पहले पहलवानों को रैंडम ड्रॉ के लिए विभिन्न ग्रुप में बांटा जाता था। जॉर्जिया में हुए तबलीसी ग्रां प्री और इस्तांबुल के यासर डोगू इंटरनेशनल जैसे रैंकिंग वाले टूर्नामेंटों के आधार पर विश्व चैंपियनशिप के लिए रैंकिंग अंक निर्धारित किये गये हैं।
बजरंग के
लावा 65 किग्रा भारवर्ग में तुर्की के सेलाहात्तिन किलिसाल्लायान (50 अंक) को शीर्ष वरीयता मिली है जबकि रूस के ईलियास बेक्बुलातोव दूसरे वरीयता होंगे। बजरंग ने 2013 में इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और अब उनका लक्ष्य इसमें स्वर्ण जीतने का है। उन्होंने कहा, ''मैं परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और एकाग्र रहने के लिये यहां समय से पहले पहुंचा हूं। उम्मीद है कि मैं लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरूंगा और स्वर्ण के साथ स्वदेश लौटूंगा।"

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