सरकार कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए तेल भंडार को दोगुने से
ज्यादा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना की खातिर निवेशक तलाशने के
लिए पेट्रोलियम मंत्रालय बुधवार को एक रोड शो की शुरुआत करेगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान इसका आगाज करेंगे। केंद्र ने जून में रणनीतिक तेल भंडार फेज-2 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत करीब 65 लाख टन का नया तेल भंडार पीपीपी मॉडल के आधार पर बनाया जाएगा। इस वक्त देश में करीब दस दिन की जरूरत के कच्चे तेल का भंडार है, जो फेज-2 पूरा होने के बाद तीन हफ्ते की जरूरत के मुताबिक होगा। इस वक्त देश में 53 लाख टन का रिजर्व तेल भंडार है।
गौरतलब है कि 1990 के इराक-कुवैत युद्ध के दौरान तेल संकट गहरा गया था
और भारत को अपनी ऊर्जा जरुरतों को पूरा करने के लिए काफी मंहगा तेल खरीदना
पड़ा था। इससे विदेशी मुद्रा भंडार में काफी कमी आई थी।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान इसका आगाज करेंगे। केंद्र ने जून में रणनीतिक तेल भंडार फेज-2 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत करीब 65 लाख टन का नया तेल भंडार पीपीपी मॉडल के आधार पर बनाया जाएगा। इस वक्त देश में करीब दस दिन की जरूरत के कच्चे तेल का भंडार है, जो फेज-2 पूरा होने के बाद तीन हफ्ते की जरूरत के मुताबिक होगा। इस वक्त देश में 53 लाख टन का रिजर्व तेल भंडार है।

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