तितली’ चक्रवात पश्चिम बंगाल पहुंचा, ओडिशा-बंगाल में चार की मौत
चक्रवात ‘तितली’ शुक्रवार को गहरे दबाव में तब्दील होकर कमजोर हुआ और पश्चिम बंगाल में दाखिल हुआ है जिसके बाद मूसलाधार बारिश हुई। शुक्रवार को तितली से कुल चार मौतें हुईं, जिनमें तीन ओडिशा और एक बंगाल में हुई।चक्रवात और भारी वर्षा से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भारी नुकसान हुआ। पश्चिमी मेदनीपुर में एक व्यक्ति की जान चली गई तथा राजमार्ग पांच पर कई पेड़ उखड़ गए। पश्चिमी मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में गुरुवार रात से बारिश हो रही है। इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि शनिवार तक पश्चिम बंगाल में गंगा नदी के आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। उसने कहा कि चक्रवात गहरे दबाव में तब्दील होकर कमजोर हुआ है और पूर्वोत्तर दिशा में बढ़ रहा है।
पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के जिलाधिकारी पी मोहन गांधी ने बताया कि खड़गपुर में एक फैक्टरी की दीवार गिर जाने से 35 साल के एक गार्ड की मौत हो गई। बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 10 अन्य लोग घायल हुए हैं।
यहां भारी बारिश होगी
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि गहरे दबाव की वजह से उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, पूरबा, पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पूरबा बर्धमान, हावड़ा और हुगली जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। विभाग ने कहा है कि कोलकाता, बांकुरा, पुरुलिया, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, माल्दा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में शनिवार तक भारी वर्षा होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्र तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को शनिवार तक गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।
ओडिशा में ‘तितली’ से 60 लाख लोग प्रभावित
-300 मिलीमीटर तक बारिश 16 ब्लॉकों में हुई पिछले 24 घंटों में
-200 मिलीमीटर तक बारिश 60 ब्लॉकों में हुई पिछले 24 घंटों में
ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर शुक्रवार को तीन हो गयी। राज्य सरकार ने बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ कर्मियों को तैनात किया है। राज्य सरकार ने दक्षिणी ओडिशा के तीन जिलों गंजम, गजपति और रायगढ़ा में बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ कर्मियों को तैनात किया है जहां 60 लाख लोग चक्रवात के बाद भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन तीन जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है क्योंकि प्रमुख नदियों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। चक्रवात के कारण इन जिलों में तीन दिनों में सबसे ज्यादा बारिश हुयी।
नौसेना के हेलीकॉप्टर की मांग
गंजम जिले में 125 ग्राम पंचायतों के गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नौसेना से दो हेलीकॉप्टरों की मांग की गई है। बाढ के कारण सड़कों के डूब जाने से इन गांवों का संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी के लिए मंत्री स्तर की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। इसमें आय एवं आपदा प्रबंधन मंत्री महेश्वर मोहंती, जल संसाधन मंत्री निरंजन पुजारी और ऊर्जा मंत्री सुशांत सिंह शामिल होंगे।
16 रेलगाड़ियां रद्द
पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने शुक्रवार को बताया कि तूफान ‘तितली’ के कारण भारी बारिश के कारण कम से कम 16 रेलगाड़ियों को रद्द किया गया है और कई अन्य रेलगाड़ियों के समय में परिवर्तन किया गया है। ईसीओआर के अधिकारी ने बताया कि ब्रह्मपुर-पालसा लाइन की पटरियों पर गुरुवार रात से पानी भरा हुआ है। ब्रह्मपुर-पालसा लाइन पर इच्छापुरम और झाड़पुदी स्टेशनों के बीच पुल पर पानी खतरे के निशान से ऊपर है। इस वजह से शुक्रवार को 12893 चेन्नई से चेन्नई-भुवनेश्वर एक्सप्रेस, 22819/22820 भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर इंटर सिटी एक्सप्रेस दोनों ओर से, 22873 दीघा से दीघा विशाखापत्तनम, विशाखापत्तनम से 22801 विशाखापत्तनम-चेन्नई एक्सप्रेस रद्द की गई 16 रेलगाड़ियों में शामिल हैं।
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