सरकार ईमानदारी और समय से कर चुकाने वाले
नागरिकों को कई तरह की सहूलियतें देने की तैयारी कर रही है। ऐसे करदाताओं
को सार्वजनिक सेवाओं में विशेष सुविधा के साथ प्राथमिकता भी दी जाएगी।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह
महात्वाकांक्षी योजना इस साल के अंत तक लागू की जा सकती है।
अधिकारी के अनुसार, आयकर विभाग की नीतियां
बनाने वाली शाखा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मसौदे को
अंतिम रूप देने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो इस तेजी से काम कर रही
है। सीबीडीटी और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की यह टीम जल्द ही अपनी
रिपोर्ट बोर्ड को सौंप सकती है। यह समिति समय पर पूरा कर चुकाने वाले
नागरिकों का पैमाना तय करेगी और उन्हें दी जाने वाली सहूलियतों की सूची
तैयार करेगी।
मसौदा तैयार होने के बाद वित्त मंत्रालय
इसका निरीक्षण करेगा और प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद
कैबिनेट में पारित कराने के लिए लाया जाएगा। योजना के तहत ईमानदार करदाताओं
को सार्वजनिक सेवाओं का लाभ प्राथमिकता के तौर पर दिलाया जाएगा। दरअसल,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में करदाताओं में भरोसा
कायम करने और उन्हें ईमानदारी से कर चुकाने को प्रेरित करने के लिए इस तरह
की योजना शुरू करने की बात कही थी।
वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि हर साल समय पर लगातार कर चुकाने वाले और रिटर्न दाखिल करने वालों को सभी सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता देने
वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि हर साल समय पर लगातार कर चुकाने वाले और रिटर्न दाखिल करने वालों को सभी सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता देने
के साथ उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित
भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले भी सीबीडीटी ने मेहनती
करदाताओं को प्रशंसा पत्र भेजने की शुरुआत की थी, जिसमें सीबीडीटी चेयरमैन
के हस्ताक्षर अंकित होते थे।
ऐसे होगी पहचान
सरकार ईमानदार और समय पर कर चुकाने वाले
नागरिकों को उनकी पहचान के लिए ‘यूनिक आईडेन्टिटी नंबर’ जारी कर सकती है।
इसके अलावा ऐसे करदाताओं के परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) को विशेष सेवाओं के
साथ जोड़ सकती है, जिसके बाद वे सरकार की ओर से मिलने वाली विशेष
सहूलियतों का लाभ ले सकेंगे।
यहां मिल सकती है विशेष सुविधा
सरकार ऐसे करदाताओं को एयरपोर्ट चेकइन
करने में छूट दे सकती है। इसके अलावा एयरपोर्ट पर लाउंज की सुविधा लेने में
भी सहूलियत दी जा सकती है। ऐसे करदाता पासपोर्ट बनवाने में भी प्राथमिकता
पाने के योग्य होंगे और डेडीकेटेड टोल लेन में छूट देने के बारे में विचार
किया जा रहा है।
कुछ घंटों में हो जाएगा रिफंड
सरकार ने केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र की क्षमता को बढ़ाने के लिए कैबिनेट नोट भेजा है, जिसके तहत टैक्स भरने और आईटीआर दाखिल करने का डाटा तेजी से संग्रहित किया जा सकेगा। इससे रियल टाइम में गणना कर आईटीआर दाखिल करने वालों को महज कुछ घंटों में रिफंड दिया जाएगा। इसके अलावा करदाता देश में कहीं से भी आकलन कर सकेंगे।

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