फर्जी खबरें रोकने में जुटा फेसबुक, कर्मी खाना भी डेस्क पर खा रहे

आने वाले चुनावों में सोशल नेटवर्क के जरिये फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए फेसबुक ने एक ‘वार रूम’ स्थापित किया है। इसमें तैनात कर्मी दिन-रात अपने मॉनिटर पर सर्तक निगाहें जमाए रखते हैं। मुस्तैदी का आलम यह है कि वे सिर्फ बाथरूम जाने के लिए ही रूम से बाहर निकलते हैं, जबकि खाना वे अपने डेस्क पर ही खाते हैं। फेसबुक ने गुरुवार को इस वार रूम की एक झलक मीडिया के सामने पेश की।
ब्राजील-अमेरिका चुनाव पर नजर :
फेसबुक ने फिलहाल यह व्यवस्था 28 अक्तूबर को ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर के मतदान और 6 नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव को ध्यान में रखकर की है। सोशल मीडिया की व्यापकता और इससे फर्जी सूचनाओं के फैलाव की रफ्तार को देखते हुए जानकार आगाह कर चुके हैं कि इसके जरिये चुनावों को प्रभावित किया जा सकता है। उनका मानना है कि ऐसा होना लोकतंत्र के लिए खतरा है। लेकिन इन खतरों के बारे में कुछ साल पहले तक किसी ने शायद ही सोचा था। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी महज दो साल पहले इन खतरों को गंभीरता से लिया।
लोकतंत्र के सामने चुनौती :
साल 2014 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हैरतअंगेज जीत के कुछ दिन बाद, जुकरबर्ग ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया था कि यह चुनाव परिणाम फेसबुक पर डाली गई काल्पनिक खबरों से प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस विचार को ‘पागलपन’ कहा था। फेसबुक के इस रवैये की काफी आलोचना हुई। जल्द ही यह बात सामने आई कि सोशल नेटवर्किंग साइट पर रूसी एजेंटों द्वारा कथित फर्जी सूचनाओं को बढ़ावा देने वाले विज्ञापन चलाए जा रहे हैं। अंततः जुकरबर्ग ने 2018 के लिए फेसबुक के सामने फर्जी खबरों को रोकने की निजी चुनौती पेश कर दी।
मेनलो पार्क में हुई स्थापना :
यह वार रूम फेसबुक के कैलिफोर्निया स्थित मुख्यालय मेनलो पार्क में बनाया गया है। इसमें मौजूद करीब दो दर्जन कर्मी अपने मॉनिटर पर सर्तक निगाहें जमाए रखते हैं। जबकि विशाल डैशबोर्ड पर डाटा प्रवाहित होता रहता है। कक्ष की दीवारों पर कर्मियों को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करने वाले पोस्टर लगे हैं। ऐसे ही एक पोस्टर पर लिखा है, ‘फेसबुक पर कुछ भी किसी और की समस्या नहीं है।’ इसके कर्मी फिलहाल ब्राजील और अमेरिका के चुनावों पर नजरें टिकाए हुए हैं। रूम में इन दोनों देशों के झंडे लगे हैं। घड़ियां भी इन दोनों देशों का समय बता रही हैं।
वार रूम फेसबुक में जारी सुधार का प्रमुख हिस्सा है। इसकी तकनीक कृत्रिम बुद्धिमता प्रणाली पर आधारित है, जिसका इस्तेमाल फेसबुक अप्रामाणिक पोस्टों और उपयोक्ता के व्यवहार की पहचान करने में करता है। इसके कार्यों में किसी देश में चुनाव के दौरान संभावित विदेशी हस्तक्षेप पर निगाह करना और चुनावों के दौरान फर्जी खबरों, सूचनाओं व अफवाहों को फैलने से रोकना शामिल है।
- -20 से अधिक टीमें 20 हजार से ज्यादा लोगों के प्रयासों का समन्वय करती हैं
- -ये सभी फर्जी अकाउंट व झूठी खबरों को रोकने के लिए काम करते हैं
- -इसमें मदद के लिए फेसबुक ने तथ्यों की जांच करने वालों को भी रखा है
- -1.3 अरब फर्जी अकाउंट होने का अनुमान है सोशल नेटवर्किंग साइट पर
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