कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद मुसलमीन (एआईएमआईएम) दोनों
पार्टियां इस बार विधानसभा चुनाव में आमने-सामने होंगी। कांग्रेस ने
हैदराबाद में एआईएमआईएम को घेरने की तैयारी कर ली है। पार्टी अध्यक्ष
राहुल गांधी शनिवार को चारमीनार पर जनसभा कर प्रचार अभियान की शुरुआत
करेंगे।
एआईएमआईएम यूपीए का हिस्सा रही है। लेकिन गत साढ़े चार सालों से एआईएमआईएम और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के बीच दोस्ती गहरी हुई है। ऐसे में कांग्रेस मुस्लिम बहुल इलाके से प्रचार शुरू कर एआईएमआईएम को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सफल रही तो एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के लिए लोकसभा चुनाव भी आसान नहीं होगा।
34 साल से दबदबा
एआईएमआईएम 1984 से लगातार हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतती रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा किसंगठन को मजबूत करने के लिए मुस्लिम मतदाता जरूरी है। तेलंगाना में करीब 13% मुस्लिम मतदाता हैं।
पिछले चुनाव का गणित
पिछले चुनाव में कांग्रेस को विधानसभा की 199 सीट में से सिर्फ 21 सीट मिली थी। हैदराबाद और आसपास की 15 में से कांग्रेस कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इनमें चार टीआरएस, सात एआईएमआईएम और चार अन्य को मिली थी।
कांग्रेस की रणनीति:विधानसभा में टीआरएस और एआईएमआईएम गठबंधन को चुनौती देने के लिए कांग्रेस पिछड़ा वर्ग और मुसलिम समीकरण बनाएगी।
भाजपा भी कर रही है तैयारी
हैदराबाद विश्वविद्यालय में एबीवीपी की जीत को शुभ संकेत मानते हुए भाजपा मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एक पार्टी नेता ने कहा कि यूपी में अधिकांश मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भाजपा ने बगैर मुस्लिम प्रत्याशी के चुनाव जीते हैं। ऐेसे में भाजपा हैदराबाद में एक मजबूत विकल्प बनेगी।
एआईएमआईएम यूपीए का हिस्सा रही है। लेकिन गत साढ़े चार सालों से एआईएमआईएम और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के बीच दोस्ती गहरी हुई है। ऐसे में कांग्रेस मुस्लिम बहुल इलाके से प्रचार शुरू कर एआईएमआईएम को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सफल रही तो एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के लिए लोकसभा चुनाव भी आसान नहीं होगा।
34 साल से दबदबा
एआईएमआईएम 1984 से लगातार हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतती रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा किसंगठन को मजबूत करने के लिए मुस्लिम मतदाता जरूरी है। तेलंगाना में करीब 13% मुस्लिम मतदाता हैं।
पिछले चुनाव का गणित
पिछले चुनाव में कांग्रेस को विधानसभा की 199 सीट में से सिर्फ 21 सीट मिली थी। हैदराबाद और आसपास की 15 में से कांग्रेस कोई सीट नहीं जीत पाई थी। इनमें चार टीआरएस, सात एआईएमआईएम और चार अन्य को मिली थी।
कांग्रेस की रणनीति:विधानसभा में टीआरएस और एआईएमआईएम गठबंधन को चुनौती देने के लिए कांग्रेस पिछड़ा वर्ग और मुसलिम समीकरण बनाएगी।
हैदराबाद विश्वविद्यालय में एबीवीपी की जीत को शुभ संकेत मानते हुए भाजपा मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एक पार्टी नेता ने कहा कि यूपी में अधिकांश मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भाजपा ने बगैर मुस्लिम प्रत्याशी के चुनाव जीते हैं। ऐेसे में भाजपा हैदराबाद में एक मजबूत विकल्प बनेगी।

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