बीजेपी सांसद भोला सिंह का पार्थिव शरीर पटना पहुंचा, आज होगा अंतिम संस्कार

बेगूसराय के भाजपा सांसद भोला सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार को पटना लाया गया। एयरपोर्ट से विधानसभा और फिर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। रविवार को बेगूसराय के सिमरिया घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा ।
सांसद भोला सिंह का शुक्रवार को दिल्ली में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया था। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। 50 साल से अधिक राजनीतिक जीवन जीने वाले भोला सिंह प्रखर वक्ता थे। बेबाकी के लिए चर्चित रहे भोला बाबू के बयान कई बार उनके बयान दल के खिलाफ भी गए। कॉलेज शिक्षक के रूप में अपना कॅरियर शुरू करने वाले भोला बाबू 1965-67 के छात्र आंदोलन से राजनीति में आए। वे आठ बार विधायक व दो बार सांसद चुने गए। तीन विभागों के मंत्री रहे। कांग्रेस के रामनारायण चौधरी व कम्युनिस्ट नेता वासुदेव सिंह को पराजित किया था। बेगूसराय के इतिहास पर शोध ग्रंथ लिखा और पीएचईडी की उपाधि मिली।
उनका जन्म 3 जनवरी, 1939 को हुआ था। खड़ी हिंदी में आंखें मूंदकर बोलने वाले भोला सिंह बिहार के वरिष्ठतम राजनेताओं में से एक थे। वर्ष 1967 में पहली बार निर्दलीय विधायक बने थे। इसके बाद 1972 में सीपीआई, 1977, 1980 और 1985 में कांग्रेस से विधायक बने। फिर वर्ष 2000, मार्च और नवंबर 2005 में वे भाजपा के टिकट पर बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वर्ष 2003 से 2005 तक विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे। बिहार सरकार में गृह राज्य मंत्री, शिक्षा मंत्री और नगर विकास मंत्री रहे। 2009 में नवादा से पहली बार सांसद बने। 2014 में वे बेगूसराय से लोकसभा सदस्य चुने गए थे।
प्रखर वक्ता थे भोला बाबू
भोला बाबू अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन वे एक प्रखर वक्ता के रूप में अपनी मिसाल छोड़ कर गए हैं। जब वे बिहार सरकार में शहर विकास मंत्री थे तो मेरे कहने पर उन्होंने पटना में दो पार्कों का निर्माण किया। उनमें एक राजवंशी नगर में नवीन सिन्हा स्मृति पार्क है। सरकार से मेरा आग्रह है कि दूसरे पार्क का नाम भोला बाबू की स्मृति में उनके नाम पर किया जाए।
भोला बाबू अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन वे एक प्रखर वक्ता के रूप में अपनी मिसाल छोड़ कर गए हैं। जब वे बिहार सरकार में शहर विकास मंत्री थे तो मेरे कहने पर उन्होंने पटना में दो पार्कों का निर्माण किया। उनमें एक राजवंशी नगर में नवीन सिन्हा स्मृति पार्क है। सरकार से मेरा आग्रह है कि दूसरे पार्क का नाम भोला बाबू की स्मृति में उनके नाम पर किया जाए।
-डॉ. सीपी ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद
राजनीतिक जगत का एक योद्धा चला गया
भोला सिंह का निधन पूरे बिहार के लिए दुखदाई है। भोला बाबू ने लम्बी राजनीतिक पारी खेली। उनका राजनीतिक कैरियर शानदार रहा। बिहार विधानसभा तथा लोकसभा के सदस्य के रूप में उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। वह राजनीतिक जगत के एक बड़े योद्धा थे।
बशिष्ठ नारायण सिंह, प्रदेश जदयू अध्यक्ष व सांसद
भोला सिंह का निधन पूरे बिहार के लिए दुखदाई है। भोला बाबू ने लम्बी राजनीतिक पारी खेली। उनका राजनीतिक कैरियर शानदार रहा। बिहार विधानसभा तथा लोकसभा के सदस्य के रूप में उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। वह राजनीतिक जगत के एक बड़े योद्धा थे।
बशिष्ठ नारायण सिंह, प्रदेश जदयू अध्यक्ष व सांसद
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