आधार के जरिए पकड़ में आए 80 हजार फर्जी शिक्षक अब गायब हो गए हैं। मानव
संसाधन विकास मंत्रालय को मिले शिक्षकों के नए आंकड़ों में एक भी फर्जी
शिक्षक (घोस्ट टीचर) नहीं बचा है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के
अनुसार, फर्जी शिक्षकों के सभी मामले निजी संस्थानों में थे।

एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस साल जनवरी महीने में अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी करते हुए खुलासा किया था कि शिक्षकों के आधार नामांकन से पता चला है कि देश में 80 हजार घोस्ट टीचर मौजूद हैं। एक ही आधार के जरिए एक से अधिक संस्थानों में शिक्षक की मौजूदगी एवं गलत आधार नंबर देखकर मंत्रालय इन आंकड़ों तक पहुंचा था। मंत्रालय ने यूजीसी और एआईसीटीई से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा था। दोनों नियामक संस्थानों की ओर से लगातार हुई पूछताछ के बाद सभी घोस्ट शिक्षकों के मामले समाप्त हो गए। यह पूछे जाने पर कि इन संस्थानों पर क्या कार्रवाई हुई? अधिकारी ने कहा कि चूंकि ये सभी संस्थान प्राइवेट थे और इन शिक्षकों को वेतन सरकार की ओर से नहीं दिया गया, इसलिए इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।

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