राजस्थान में फैल रहा जीका का कहर, जयपुर में सामने आए 22 मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय हाई अलर्ट पर
प्रधानमंत्री कार्यालय ने जयपुर में 22 लोगों के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद इस वायरस के फैलने पर स्वास्थ्य मंत्रालय से एक व्यापक रिपोर्ट मांगी

प्रधानमंत्री कार्यालय ने जयपुर में 22 लोगों के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद इस वायरस के फैलने पर स्वास्थ्य मंत्रालय से एक व्यापक रिपोर्ट मांगी है. राजस्थान के जयपुर में इस वायरस से संक्रमित हुए लोगों में एक व्यक्ति बिहार का निवासी है और वह हाल ही में सीवान जिले स्थित अपने घर गया था. बिहार ने अपने सभी 38 जिलों को परामर्श जारी कर उन लोगों पर करीबी नजर रखने का निर्देश दिया है, जिनमें जीका वायरस के संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हों.
उच्च स्तरीय टीम जयपुर में मौजूद
सीवान निवासी जयपुर में पढाई करता है. वह 28 अगस्त और 12 सितंबर के बीच एक परीक्षा में शामिल होने के लिए घर गया था. उसके परिवार के लोगों को निगरानी के तहत रखा गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएमओ ने जयपुर में जीका विषाणु के प्रसार पर एक व्यापक रिपोर्ट मांगी है. नियंत्रण उपायों में राजस्थान सरकार की मदद के लिए सात सदस्यीय एक उच्च स्तरीय टीम जयपुर में है.
22 मामलों की पुष्टि
साथ ही, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में एक नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है ताकि हालात की नियमित निगरानी की जा सके. स्वास्थ्य मंत्रालय के स्तर पर हालात की समीक्षा की जा रही है. मंत्रालय ने एक बयान में सोमवार को कहा कि आज की तारीख तक कुल 22 मामलों की पुष्टि हुई है. जयपुर के निर्धारित इलाके में सभी संदिग्ध मामलों को और इस इलाके के मच्छरों के नमूनों की जांच की जा रही है.
भारत में कब से आया जानलेवा जीका
विषाणु शोध एवं रोग पहचान प्रयोगशालाओं को अतिरिक्त जांच किट मुहैया की गई हैं. राज्य सरकार को जीका वायरस और इसकी निवारण रणनीतियों के बारे में जाकगरूता पैदा करने के लिए सूचना और जानकारी मुहैया की गई है. अधिकारी ने बताया कि इलाके में सभी गर्भवती महिलाओं की निगरानी की जा रही है. जीका विषाणु जनित रोग दुनिया भर के 86 देशों में दर्ज किया गया है. भारत में जनवरी और फरवरी 2017 में पहली बार इसके प्रसार की पुष्टि अहमदाबाद में हुई थी. इसके बाद तमिलनाडु में भी इसकी पुष्टि हुई थी.
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