सेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न स्कीमों में फायदा
पहुंचाने का लालच देकर उनसे ठगी करने वाले एक गिरोह के 11 सदस्यों को नोएडा
साइबर सेल ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने
दर्जनभर मोबाइल फोन, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, चेक बुक व अन्य दस्तावेज
बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि नोएडा में रहने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर जे.के. बहल, मेजर जनरल के.के. सहगल व एक कैप्टन ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उनसे कुछ समय पूर्व फोन करके कहा कि सेना में आपके द्वारा दी गई बहुमूल्य सेवा के ऐवज में भारत सरकार आपको लाखों रुपये बोनस के रूप में दे रही है।
उन्होंने बताया कि इसके एवज में ठगों ने सैन्य अफसरों से सिक्योरिटी
मनी, आयकर, टीडीएस आदि के नाम पर अलग-अलग समय पर फोन करके लाखों रुपए ले
लिए। पूर्व सैन्य अफसरों को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने घटना की
शिकायत पुलिस से की।
एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच कर रहे नोएडा साइबर सेल के इंस्पेक्टर जहीर खान व उनकी टीम ने मंगलवार रात इस मामले में कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम पवन कुमार, विश्वजीत माली, प्रशांत कुमार, कामिल, धर्मेंद्र लोधी, मृदुल रावत, अभिषेक कुमार, संदीप कुमार, प्रमोद यादव, पियूष तिवारी व सचिन तोमर हैं। पुलिस ने इनके पास से पुलिस ने दर्जनभर डेबिट व क्रेडिट कार्ड, चेक बुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि बरामद किए हैं।
गूगल की मदद से लेते थे रिटायर्ड अफसरों का डाटा
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि वे गूगल के माध्यम से सेना के रिटायर्ड अफसरों का डाटा सर्च करते थे तथा उसके आधार पर उनसे संपर्क करके उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। ये लोग सैन्य अफसरों से जीवन बीमा कराने व उनकी कारों का बीमा कराने के नाम पर भी ठगी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि अब तक इन लोगों ने देश के विभिन्न शहरों में रहने वाले सैकड़ों सैन्य अधिकारियों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को यह भी पता चला है कि ये लोग आम जनता के साथ भी बीमा एजेंट बनकर ठगी करते हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि नोएडा में रहने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर जे.के. बहल, मेजर जनरल के.के. सहगल व एक कैप्टन ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने उनसे कुछ समय पूर्व फोन करके कहा कि सेना में आपके द्वारा दी गई बहुमूल्य सेवा के ऐवज में भारत सरकार आपको लाखों रुपये बोनस के रूप में दे रही है।
एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच कर रहे नोएडा साइबर सेल के इंस्पेक्टर जहीर खान व उनकी टीम ने मंगलवार रात इस मामले में कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम पवन कुमार, विश्वजीत माली, प्रशांत कुमार, कामिल, धर्मेंद्र लोधी, मृदुल रावत, अभिषेक कुमार, संदीप कुमार, प्रमोद यादव, पियूष तिवारी व सचिन तोमर हैं। पुलिस ने इनके पास से पुलिस ने दर्जनभर डेबिट व क्रेडिट कार्ड, चेक बुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि बरामद किए हैं।
गूगल की मदद से लेते थे रिटायर्ड अफसरों का डाटा
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि वे गूगल के माध्यम से सेना के रिटायर्ड अफसरों का डाटा सर्च करते थे तथा उसके आधार पर उनसे संपर्क करके उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। ये लोग सैन्य अफसरों से जीवन बीमा कराने व उनकी कारों का बीमा कराने के नाम पर भी ठगी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि अब तक इन लोगों ने देश के विभिन्न शहरों में रहने वाले सैकड़ों सैन्य अधिकारियों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को यह भी पता चला है कि ये लोग आम जनता के साथ भी बीमा एजेंट बनकर ठगी करते हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें