ISIS में बगदादी के बाद नंबर दो माने जाने वाले अल-इथावी को फांसी
इस्माइल अलवान सलमान अल-इथावी को इराक से भागने के बाद तुर्की से प्रत्यर्पित किया गया था.

आतंकी संगठन आईएसआईएस में अबू बकर अल बगदादी के बाद नंबर दो का स्थान रखने वाले आतंकी इस्माइल अलवान सलमान अल-इथावी को इराक की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने आतंकवाद के आरोपों के चलते उन्हें फांसी की सजा दी है.
न्यायिक प्रवक्ता अब्देल सत्तार ने कहा, 'बगदाद की अपराधिक अदालत ने आईएस के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक को फांसी की सजा सुनाई है. तुर्की से गिरफ्तार किए गए आतंकी अल इथावी को बगदादी के डिप्टी के रूप में कार्य जाना जाता था.'
आईएसआईएस का मंत्री था इस्माइल
इराकी अधिकारियों ने फरवरी में घोषणा की कि इस्माइल अलवान सलमान अल-इथावी को इराक से भागने के बाद तुर्की से प्रत्यर्पित किया गया था. इसके बाद सीरिया के स्वयं घोषित 'खलीफाओं' का विश्वास टूट गया था.
एएफपी के मुताबिक एक वरिष्ठ इराकी अधिकारी ने बताया कि इस्माइल को तुर्की, इराकी और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग के माध्यम से ट्रैक किया गया था. और फिर हिरासत में लिया गया था. इराक के रमादी शहर के रहने वाले इथावी पर आतंकी संगठन आईएस का मंत्री होने का आरोप था. इसी के साथ उसने कई धार्मिक पदों पर कब्जा भी कर रखा था.
बगदादी धरती का सबसे मोस्ट वांटेड आतंकवादी
आईएसआई के मुखिया बगदादी को मोस्ट वांटेड आतंकी माना जाता है और अमेरिका ने उस पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम लगा रखा है.कई मौकों पर उसे मृत घोषित कर दिया गया है. लेकिन एक इराकी खुफिया अधिकारी ने मई में बताया था कि वह जिंदा है और इराकी सीमा पर सीरियाई इलाके में रहता है.
पिछले महीने जारी की गई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में, आईएस प्रमुख ने मुसलमानों को 'जिहाद' का समर्थन करने के लिए कहा था. बगदादी एक मात्र बार जनता के बीच देखा गया था. जब वह साल 2014 में इराक के मौसूल शहर में लोगों को संबोधित कर रहा था.
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